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भजन संहिता 6

IRV

1 हे यहोवा, तू मुझे अपने क्रोध में न डाँट6:1 मुझे अपने क्रोध में न डाँट: जैसे कि मानो उस पर आनेवाले कष्टों के द्वारा उसको झिड़क रहा है।, और न रोष में मुझे ताड़ना दे।

2 हे यहोवा, मुझ पर दया कर, क्योंकि मैं कुम्हला गया हूँ; हे यहोवा, मुझे चंगा कर, क्योंकि मेरी हड्डियों में बेचैनी है।

3 मेरा प्राण भी बहुत खेदित है। और तू, हे यहोवा, कब तक? (यूह. 12:27)

4 लौट आ, हे यहोवा6:4 लौट आ, हे यहोवा: जैसे कि मानो वह उसे छोड़कर चला गया और उसे मरने के लिए छोड़ दिया है।, और मेरे प्राण बचा; अपनी करुणा के निमित्त मेरा उद्धार कर।

5 क्योंकि मृत्यु के बाद तेरा स्मरण नहीं होता; अधोलोक में कौन तेरा धन्यवाद करेगा?

6 मैं कराहते-कराहते थक गया; मैं अपनी खाट आँसुओं से भिगोता हूँ; प्रति रात मेरा बिछौना भीगता है।

7 मेरी आँखें शोक से बैठी जाती हैं, और मेरे सब सतानेवालों के कारण वे धुँधला गई हैं।

8 हे सब अनर्थकारियों मेरे पास से दूर हो; क्योंकि यहोवा ने मेरे रोने का शब्द सुन लिया है। (मत्ती 7:23, लूका 13:27)

9 यहोवा ने मेरा गिड़गिड़ाना सुना है6:9 यहोवा ने मेरा गिड़गिड़ाना सुना है: जैसा उसने किया है, वैसा वह आगे भी करेगा।; यहोवा मेरी प्रार्थना को ग्रहण भी करेगा।

10 मेरे सब शत्रु लज्जित होंगे और बहुत ही घबराएँगे; वे पराजित होकर पीछे हटेंगे, और एकाएक लज्जित होंगे।

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